Antim Sanaskar Rules in Hinduism

Life Cycle
शास्त्रों के अनुसार जीवन और मृत्यु का चक्र अनवरत चलता रहता है।
गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने यही बताया है कि व्यक्ति का शरीर नश्वर होता है। आत्मा अमर होती है जो निश्चित समय के लिए अलग-अलग शरीर धारण करती है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा को पुन: नया जन्म मिलता है। जीवन में हमारे कई रिश्ते-नाते बनते हैं, कई लोगों से लगाव होता है। ऐसे में मृत्यु के बाद अक्सर प्रियजनों को मृत व्यक्ति की याद आती है, सपने में भी दिखाई देते हैं। यदि किसी भी इंसान को सपने में कोई मृत व्यक्ति दिखाई देता है तो उसे ये दो काम अवश्य करना चाहिए।
पहला काम है उस मृत व्यक्ति के नाम पर रामायण या श्रीमदभागवत का पाठ कराएं। दूसरा काम है गरीब बच्चों को मिठाई खिलाएं।
 इसके साथ ही मृत व्यक्ति के नाम से विधि-विधान से तर्पण कराना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यदि मृत्यु के बाद बार-बार सपनों में आना किसी बात की ओर इशारा होता है। ऐसा माना जाता है कि यदि मरने वाले आत्मा अतृप्त है या उसकी कोई इच्छा अधूरी रह गई है या वह अशांत है तो संबंधित व्यक्ति के सपनों में आकर संकेत देती है। ऐसे में परिवार के सदस्यों को मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए पुण्य कर्म, दान आदि करना चाहिए। इससे वह आत्मा तृप्त होती है और उसे शांति प्राप्त होती है।
Antim Sanaskar Rules in Hinduism Antim Sanaskar Rules in Hinduism Reviewed by Girraj Prasad Raman on 03:24 Rating: 5

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